पीएम विश्वकर्मा योजना क्या है?
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana) भारत सरकार की एक केंद्रीय योजना है। इसे 18 सितंबर 2023 को विश्वकर्मा जयंती के दिन लॉन्च किया गया था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों को आर्थिक, तकनीकी और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।
इस योजना के तहत, 18 प्रकार के पारंपरिक व्यवसायों (बढ़ईगीरी, लोहारगीरी, सुनारगीरी, मूर्तिकला, बांस का काम, दर्जी, नाई, धोबी, चर्मकार, आदि) से जुड़े लोगों को लाभ दिया जाता है। यह योजना 2023 से 2028 तक 5 साल के लिए चलेगी।
इस योजना का बजट ₹13,000 करोड़ रुपये है। 5 साल में 30 लाख से अधिक परिवारों को इस योजना का लाभ देने का लक्ष्य है। अब तक 50 लाख से अधिक कारीगरों ने पंजीकरण कराया है। यह योजना बिना गारंटी के ऋण, मुफ्त प्रशिक्षण, डिजिटल टूलकिट और PM विश्वकर्मा सर्टिफिकेट प्रदान करती है।
पीएम विश्वकर्मा योजना के लिए पात्र व्यवसाय
इस योजना में निम्नलिखित 18 पारंपरिक व्यवसायों को शामिल किया गया है। कोई भी कारीगर जो इनमें से किसी एक व्यवसाय से जुड़ा है, वह पंजीकरण कर सकता है।
लकड़ी के काम
- बढ़ई (Carpenter)
- फर्नीचर बनाने वाले
- लकड़ी की मूर्ति बनाने वाले
- नक्काशी करने वाले
धातु के काम
- लोहार (Blacksmith)
- सुनार (Goldsmith)
- तांबे के बर्तन बनाने वाले
- धातु मूर्तिकार
सिलाई और बुनाई
- दर्जी (Tailor)
- कढ़ाई करने वाले
- हथकरघा बुनकर
- चादर/कपड़ा बनाने वाले
सेवा व्यवसाय
- नाई (Barber)
- धोबी (Washerman)
- मालिश करने वाले
- पुष्प सज्जाकार
मिट्टी और पत्थर
- कुम्हार (Potter)
- पत्थर तराशने वाले
- टाइल्स लगाने वाले
अन्य पारंपरिक काम
- मोची (Cobbler)
- चर्मकार
- बांस का सामान बनाने वाले
- रस्सी बनाने वाले
- मछली जाल बनाने वाले
पीएम विश्वकर्मा योजना के लिए पात्रता
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तों को पूरा करना आवश्यक है। नीचे सभी पात्रता मानदंड विस्तार से दिए गए हैं।
कौन पात्र है?
- भारत का नागरिक होना चाहिए।
- 18 वर्ष या उससे अधिक आयु का होना चाहिए।
- उपरोक्त 18 व्यवसायों में से किसी एक में काम करता हो।
- पारिवारिक वार्षिक आय ₹1.5 लाख से अधिक न हो।
- पहले किसी सरकारी ऋण योजना का लाभ न लिया हो।
जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड (मोबाइल लिंक होना चाहिए)
- बैंक खाता पासबुक (IFSC कोड सहित)
- आय प्रमाण पत्र (तहसीलदार से)
- व्यवसाय प्रमाण (जाति/निवास प्रमाण से भी काम चल जाता है)
- मोबाइल नंबर
- पासपोर्ट साइज फोटो
कौन पात्र नहीं है?
- जो पहले से किसी सरकारी ऋण योजना का लाभ ले चुके हैं
- जिनकी वार्षिक आय ₹1.5 लाख से अधिक है
- जो उपरोक्त 18 व्यवसायों से नहीं जुड़े हैं
- सरकारी कर्मचारी या करदाता
- 18 वर्ष से कम आयु के
पीएम विश्वकर्मा योजना: ऋण और सब्सिडी
इस योजना के तहत बिना किसी गारंटी के तीन चरणों में ऋण दिया जाता है। हर चरण में ब्याज सब्सिडी भी दी जाती है। नीचे पूरी जानकारी तालिका में दी गई है।
ऋण विवरण (पहला चरण, दूसरा चरण, तीसरा चरण)
| चरण | ऋण राशि | ब्याज सब्सिडी | अवधि | गारंटी |
|---|---|---|---|---|
| पहला चरण | ₹15,000 | 5% | 18 महीने | कोई गारंटी नहीं |
| दूसरा चरण | ₹1,00,000 | 5% | 30 महीने | कोई गारंटी नहीं |
| तीसरा चरण | ₹2,00,000 | 5% | 36 महीने | कोई गारंटी नहीं |
उदाहरण के साथ समझें
मान लीजिए आपने पहले चरण में ₹15,000 का ऋण लिया। बैंक सामान्यतः 12-15% ब्याज लेता है। सरकार 5% सब्सिडी देगी। तो आपको सिर्फ 7-10% ब्याज देना होगा। ₹15,000 पर यह सब्सिडी लगभग ₹500-600 प्रति वर्ष बचाती है। दूसरे चरण में ₹1,00,000 पर सब्सिडी ₹5,000 सालाना बचाती है। तीसरे चरण में ₹2,00,000 पर ₹10,000 सालाना बचत होती है। यह बचत कारीगर के लिए बहुत बड़ी राहत है।
प्रशिक्षण, डिजिटल टूलकिट और PM Vishwakarma सर्टिफिकेट
पीएम विश्वकर्मा योजना सिर्फ ऋण नहीं देती, बल्कि मुफ्त प्रशिक्षण, डिजिटल टूलकिट और एक सर्टिफिकेट भी देती है। यह सब आपके व्यवसाय को आधुनिक बनाने में मदद करता है।
1. मुफ्त प्रशिक्षण (5 दिन का बेसिक ट्रेनिंग)
सरकार हर पंजीकृत कारीगर को 5 दिन का मुफ्त प्रशिक्षण देगी। इस प्रशिक्षण में आपको डिजिटल पेमेंट, ऑनलाइन मार्केटिंग, नए औजारों का उपयोग, क्वालिटी कंट्रोल आदि सिखाया जाता है। प्रशिक्षण के बाद आपको एक प्रमाण पत्र मिलता है। प्रशिक्षण के दौरान आपको ₹500 प्रति दिन की मानदेय भी दी जाती है।
2. एडवांस ट्रेनिंग
बेसिक ट्रेनिंग पूरी करने के बाद जो कारीगर और सीखना चाहते हैं, उनके लिए एडवांस ट्रेनिंग भी है। यह 15 दिन की होती है। इसमें आपको आधुनिक मशीनों का प्रशिक्षण, नई तकनीकें, डिजिटल मार्केटिंग के उन्नत कोर्स सिखाए जाते हैं। एडवांस ट्रेनिंग में भी आपको ₹500 प्रति दिन मिलता है।
3. डिजिटल टूलकिट
पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत हर कारीगर को एक डिजिटल टूलकिट दी जाती है। इसमें ऑनलाइन बिलिंग सॉफ्टवेयर, जीएसटी भरने की सुविधा, ऑनलाइन पेमेंट गेटवे, सोशल मीडिया प्रोमोशन टूल्स, और एक व्यवसायिक वेबसाइट बनाने की सुविधा होती है। यह डिजिटल टूलकिट बिल्कुल मुफ्त है।
4. PM Vishwakarma सर्टिफिकेट
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद आपको PM Vishwakarma सर्टिफिकेट मिलता है। यह एक सरकारी प्रमाण पत्र है। इससे आपको आत्मविश्वास मिलता है। यह सर्टिफिकेट आपको अन्य सरकारी योजनाओं में भी लाभ दिला सकता है। कई बैंक इस सर्टिफिकेट के आधार पर आसानी से ऋण देते हैं।
पीएम विश्वकर्मा योजना में पंजीकरण कैसे करें?
PM Vishwakarma योजना में पंजीकरण करने की प्रक्रिया बहुत सरल है। आप ऑनलाइन या CSC सेंटर से पंजीकरण कर सकते हैं।
ऑनलाइन पंजीकरण (स्वयं करें)
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: https://pmvishwakarma.gov.in खोलें।
- "New Registration" पर क्लिक करें: होम पेज पर "क्या आप विश्वकर्मा हैं? यहाँ क्लिक करें" बटन पर क्लिक करें।
- आधार नंबर डालें: अपना 12 अंकों का आधार नंबर डालें।
- मोबाइल OTP डालें: आधार से लिंक मोबाइल पर OTP आएगा, उसे डालें और वेरिफाई करें।
- फॉर्म भरें: अपना नाम, पता, जिला, गांव, बैंक खाता विवरण, व्यवसाय का प्रकार चुनें।
- दस्तावेज अपलोड करें: आय प्रमाण पत्र, व्यवसाय प्रमाण, फोटो अपलोड करें।
- सबमिट करें: सबमिट बटन दबाएं। आपको एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलेगा। इसे सुरक्षित रखें।
CSC सेंटर से पंजीकरण (जिनके पास इंटरनेट नहीं है)
- अपने नजदीकी CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) पर जाएं।
- वहां ऑपरेटर से कहें "PM Vishwakarma Yojana में पंजीकरण करना है" ।
- अपना आधार कार्ड, बैंक पासबुक, आय प्रमाण पत्र, मोबाइल नंबर दें।
- ऑपरेटर आपका ऑनलाइन पंजीकरण कर देगा।
- कुछ पैसे (₹30-50) CSC ऑपरेटर ले सकता है।
PM Vishwakarma लाभार्थी सूची और स्थिति कैसे चेक करें?
अगर आपने पंजीकरण कराया है, तो आप ऑनलाइन देख सकते हैं कि आपका नाम लाभार्थी सूची में है या नहीं।
लाभार्थी सूची देखने का तरीका
- pmvishwakarma.gov.in पर जाएं।
- "Beneficiary List" पर क्लिक करें।
- अपना राज्य, जिला, ब्लॉक चुनें।
- "Get Report" पर क्लिक करें।
- सूची में अपना नाम ढूंढें।
अपनी आवेदन स्थिति (Status) चेक करें
- वेबसाइट के होम पेज पर "Application Status" पर क्लिक करें।
- अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या मोबाइल नंबर डालें।
- "Search" पर क्लिक करें।
- आपको दिखेगा कि आपका आवेदन स्वीकृत है या लंबित है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
निष्कर्ष: पीएम विश्वकर्मा योजना से कारीगरों को सशक्त बनाना
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना देश के पारंपरिक कारीगरों के लिए एक बहुत बड़ी सौगात है। यह योजना न सिर्फ सस्ता ऋण देती है, बल्कि मुफ्त प्रशिक्षण, डिजिटल टूलकिट और ब्रांड प्रमोशन का भी मौका देती है।
अगर आप बढ़ई, लोहार, सुनार, दर्जी, नाई, धोबी, कुम्हार, मूर्तिकार, चर्मकार, या अन्य 18 व्यवसायों से जुड़े हैं, तो आज ही इस योजना में पंजीकरण करें। पंजीकरण पूरी तरह से मुफ्त है। आपको बिना गारंटी के ₹15,000, फिर ₹1,00,000 और फिर ₹2,00,000 का ऋण मिलेगा।
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद आपको PM Vishwakarma सर्टिफिकेट मिलेगा। इससे आपके उत्पादों को बेचने में आसानी होगी। सरकार आपको ऑनलाइन मार्केटिंग में भी मदद करेगी। इस योजना का लाभ उठाएं और अपने व्यवसाय को आधुनिक बनाएं।
लेखक: PM Vishwakarma Guide Team | अंतिम अपडेट: 31 मई 2026 | स्रोत: pmvishwakarma.gov.in, भारत सरकार
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